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New Hindi Sex Stories | नई हिन्दी सेक्स कहानियाँ | Indian sex kahaniya

चाची की ट्रेन में चुदाई-1

प्रेषक: महमूद

मेरा नाम महमूद है और मैं पाकिस्तान का रहने वाला हूँ आज मैं आपको अपनी एक स्टोरी सुनाने जा रहा हूँ ये 3 साल पहले की बात है जब मेरी उमर 17 साल थी मैं अपने मा बाप का एक्लोता बेटा हूँ. मेरा बाप एक हाइवे इंजिनियर है. हमारे साथ हमारे घर मे मेरे फ़िरोज़ चाचा और उनकी सेक्सी बीवी यानी मेरी रेशमा चाची भी रहती हैं, वो बहुत सेक्सी हैं उनके बारे बड़े बूब्स और मदमस्त गांड देख कर मेरा लंड हमेशा खड़ा हो जाता था उनकी कोई औलाद ना थी इसलिए चाची रेशमा मुझे बहुत प्यार करती थी लेकिन मैं उनको हमेशा सेक्स की निगाह से देखता था. मैने कई बार अपनी चाची के नाम पर मूठ मारी जब भी वो कोई काम करती तो मैं हमेशा उनको घूर कर देखता था खास कर उसके बूब्स को. उनकी फिगर यही कोई 33 24 36 होगी जब कोई काम करते वक़्त जब उनका दुपट्टा नीचे सरक जाता तो मुझे उनकी चूची देखने का मोक़ा मिल जाता था उन्हे शायद पता था कि मैं उनको सेक्स की नज़र से देखता हूँ लेकिन कभी उसने मुझे कुछ कहा नही. एक दिन मैं अपने कमरे मे अपने कंप्यूटर पर ब्लू फिल्म देख रहा था तो अचानक दरवाज़ा खुला और चाची अंदर आई मैं घबरा गया मेरे समझ मे कुछ नही आ रहा था कि मैं क्या करूँ और मैने जल्दी मैने कंप्यूटर का मैन स्विच ऑफ कर दिया. चाची ने जब मुझे इस तरह चोन्क्ते हो देखा तो बोली क्या बात है महमूद तुम मुझे देख कर चोंक कियूं गये तो मैने कहा कुछ नही ऐसे ही. तो चाची बोली अच्छा तुम अपना समान पॅक करो मेरे गाऊँ मे मेरी एक सहेली की दो दिनों बाद शादी है और तुम्हे मेरे साथ चलना है हम एक हफ्ते तक वहाँ रहेंगे तो मैने पूछा के आप चाचा को साथ कियूं नही ले जा रही है तो उन्होने कहा के उन्हे कोई ज़रूरी काम है जिस की वजह से वो नही चल सकते तो मैने कहा के अगर मैं चलूं गा तो मेरी पढ़ाई डिस्ट्रब हो जाए गी. चाची बोली प्ल्ज़ सिर्फ़ एक हफ्ते की तो बात है क्या तुम मेरे लिए इतना भी नही कर सकते? चाची के इतना इसरार करने पर मैं मान गया और अपनी सेक्सी चाची रेशमा को कहा ठीक है तो वो खुश हो गयी और मुझ गले लगा कर प्यार से मुझे गाल पे एक किस दे दी और चली गयी. जब उन्होने मुझे गले लगाया तो उनके बड़े बड़े बूब्स मेरे सीने से चिपक गये और मुझे इतना मज़ा आया कि मैं बिल्कुल हॉट हो गया और सीधा बाथरूम मैने जाकर अपने आप को ठंडा किया और अपने समान की पॅकिंग कर बाहर दोस्तों मे चला गया.  दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | दोसरे दिन सुबह सवेरे मुझे चाची ने जगाया और कहा के जल्दी फ्रेश हो कर नीचे आओ और नाश्ता वागरह कर्लो ताकि जल्दी हम रेलवे स्टेशन पहुचें कही ट्रेन मिस ना हो जाए और ये कह कर वो जल्दी चली गयी और मैं फ्रेश हो कर नीचे चला गया और नाश्ता वगेरा किया.जब हम स्टेशन जाने के लिए घर से निकले तो माँ मुझे कहा बेटा महमूद अपनी चाची का ख़याल रखना और शफकत से मेरे सर पर हाथ फेरा फिर हम घर से निकल गये. चाचा हमे ट्रेन तक छोड़ने आए और हमे ट्रेन मे बिठा के मुझे ट्रेन के टिकेट्स दिए और कुछ पैसे दिया और कहा बेटा ये रखलो काम आएँगे और ये कह कर वो चले गये. और थोरी देर बाद ट्रेन चलने लगी और चाची और मैं गप शप करने लगे और गप शप करते हुए चाची ने मुझसे पूछा महमूद तेरी कोई गर्ल फ्रेंड है मैने कहा नही तो चाची ने जवाब दिया कियूं नही है? कोई बनी नही या बनाई नही मैने कहा बनाई नही तो चाची बोली तेरी उमर के लड़को की तीन तीन चार चार (3,3,4,4) गर्लफ्रेंड होती हैं और तुम्हारी एक भी नही तो मैने चाची से कहा जब आप कुँवारी थी तब आप का कोई बाय्फ्रेंड था तो चाची शर्मा गयी और कुछ नही बोली तो मैने कहा चाची प्ल्ज़ बताओ ना तो चाची ने धीमी सी आवाज़ मे कहा हां. हालाँकि ट्रेन के जिस ब्लॉक मे हम बैठे थे उस ब्लॉक मे मेरे और चाची के सिवा और कोई नही था इसलिए हम एक दोसरे से खुल कर बातें कर रहे थे. तो फिर चाची ने कहा अपने चाचा को बताना नही मैने कहा कियूं तो वो बोली के वो नाराज़ हो जाएँगे मैने कहा आप मेरी जान हो मैं भला चाचा को कियूं बताउन्गा तो चाची फिर से सर्मा गयी फिर चाची ने मुझ से पूछा के तेरी सब से फॅवुरेट हेरोइन कॉन सी है तो मैने कहा के 2 पर येस्वर्या 3 पर मल्लिका 4 पर हॉलीवुड की कारमेन एलेक्ट्रा और 5 पेर पेमेला आंडर्सन. तो चाची बोली छी शरम नही आती सब गांडी आक्टर्स हैं तो मैने कहा गांडी कहाँ हैं वो तो बहुत खूबसूरत और सेक्सी हैं तो चाची बोली अछा तुम ने 2,3,4 और 5 का नाम बताया लेकेन पहले नंबर. पर कॉन है तो मैने कहा आप तो चाची सर्मा गयी और कहा के कियूं ऐसा क्या है मुझ मे तो मैने कहा के आप दुनिया की सब से सुंदर लड़की हो तो चाची सर्मा गयी और अपना मूँह नीचे करलिया तो मैं चाची के करीब गया और उनका मूँह उपेर करके उनके खूबसूरत होंटो को किस करने के लिए मैने अपने होन्ट उनके होंटो पर रखे ही थे के उसने अपना मूँह दोसरि तरफ कर लिया. और बोला नही महमूद ये सही नही है तो मैं भी चुप हो गया और दिल ही दिल मे डर रहा था और अपने आप को कोस रहा था कि ये मैने क्या कर लिया अब क्या पता चाची मुझ से नाराज़ हो गयी हो क्या पता घर जा कर सब को बता दे के मैं उनके साथ क्या करने जा रहा था फिर तो मेरी शामत आजाए गी और फिर यूँही चुपचाप 2 घंटो के सफ़र के बाद चाची का गाओं आ गया और हम ने जल्दी जल्दी अपना समान उठाया और स्टेशन पर उतर गये . जब हम चाची के रिश्तेदारो के घर पोहोन्चे तो उन्होने हमे अपने गेस्ट रूम मे बैठाया थोरी देर आराम करने के बाद चाची बोली तुम यहीं आराम करो मैं अपनी दोस्तो और रिश्तेदारो से मिल कर आती हूँ और वो चली गयी और फिर थोरी देर के बाद एक लड़का गेस्ट रूम मे आया उसके हाथ मे शरबत का ग्लास था उस ने वो ग्लास मुझे दिया और मेरे सामने बैठ गया मैने शरबत पिया और उस से बाते करने लगा और बाते करते करते हम दोनो अच्छे दोस्त बन गये उस ने अपना नाम फ़ैसल बताया और उसकी उमर भी लग भग मेरे जितनी थी और हम दोनो आपस मे इतने गहरे हो गये के एक दोसरे से सेक्स की बाते करने लगे और शाम को हम दोनो बाहर घूमने गये और रात को देर से वापस आए. जब मैं गेस्ट रूम मे गया तो चाची भी अपनी पिंक कलर नाइटी पहेन कर वहाँ बैठी थी और एक मॅग्ज़ीन देख रही थी उनकी नाइटी उनके घुटनो से थोड़ा उपर थी जिस से उनकी आधे से ज़ियादा टाँगे नज़र आराही थी चाची उस वक़्त अपनी खूबसूरती की बिजली गिरा रही थी चाची मुझे देखते हुए बोली महमूद बेटा इन के घर मे गेस्ट रूम के एलॉवा और कोई कमरा खाली नही है इसलिए हम दोनों को एक साथ एक कमरे मे सोना पड़े गा मैं दिल ही दिल मे बहुत खुश हो गया और एक ताक़िया और चादर उठा के ज़मीन पे बिछा के सो गया आधी रात को पिशाब करने के लिए मेरी आँख खुली मैं बाथरूम मे गया और पिशाब कर के वापस आया तो अचानक मेरी नज़र चाची पर पड़ी लाइट लॅंप की रोशनी मे चाची की खूबसूरती और भी बढ़ गयी थी चाची की नाइटी बहुत उपर तक खिसकी हुई थी और चाची की जांघे सारी साफ दिख रही थी उन्हें देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं हिम्मत कर के धीरे से बेड पर बैठा जिस पर चाची सो रही थी और आहिस्ता आहिस्ता चाची की जाँघो को सहलाने लगा अभी दो तीन मिनिट ही गुज़रे होंगे कि चाची ने करवट ली और मैं जल्दी से अपनी जगह जाके लेट गया और अपनी आँख ठंडी करके सो गया. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | अगली सुबह जब मैं नींद से उठा तो देखा के चाची कमरे मे नही थी और मुझे बाथरूम मे से पानी के गिरने की आवाज़ आने लगी मैं समझ गया के चाची नहा रही है. और फिर अचानक मेरी नज़र चाची की ब्लॅक ब्रा और पैंटी पर पड़ी जो के बेड पर पड़े हुए थे मैने चाची की ब्रा को उठाया और उसे मूँह से लगा के सूंघ ने और चाटने लगा और फिर चाटने के बाद मैने अपना लंड बाहर निकाला और अपने लंड को चाची की ब्रा को अपने लंड पर लपेट कर ब्रा को लंड से रगड़ ने लगा अचानक बाथरूम का दरवाज़ा खुला और चाची अपने जिस्म पर टवल लपेटे बाहर निकली और मुझे इस हालत मे देख लिया. मैं डर गया और जल्दी से ब्रा को लंड से निकाला लेकेन ब्रा का हुक मेरी झांतो मे फस गया था और मेरे जल्दी से ब्रा को लंड से निकालने से मेरी झांते निकल आई और हल्का हल्का खून निकल ने लगा और दर्द की वजा से मेरे मूँह से हल्की सी चीख निकल गयी जब चाची ने ये देखा तो फॉरन मेरे पास आई और मेरी झांतो मे जहाँ से खून निकल रहा था वहाँ देख ने लगी और मुझ कहने लगी क्या ज़रूरत थी इतनी ज़ोर से निकालने की आराम से अपना मज़ा लेते और फिर धीरे से निकाल देते तो मैने कहा मैने सोचा आप नाराज़ ना हो जाए इसलिए ज़ोर से निकाला तो चाची ने कहा मैं कियूं नाराज़ हूँगी. ये देख कितना खून बह रहा है ठहर मैं अभी तुझे स्प्रेड लगाती हूँ और ये कह कर उसने टेबल के ड्रॉवार से स्प्रेड की बॉटल और थोरी सी कपास निकाली और मुझे बेड पर बैठने को कहा जब मैं बेड पर बैठा तो वो मेरे साथ बैठ गयी मेरा लंड अभी भी बाहर खड़ा था और लोहे की तरह सख़्त था और फिर चाची ने थोड़ा सा स्प्रेड कपास के छोटे टुकड़े पर लगाया और अपने एक हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर उसे थोड़ा नीचे किया और दोसरे हाथ से मेरे ज़ख़्मो पर स्प्रेड मारने लगी चाची की नरम उंगलियों का स्पर्श मुझे बिल्कुल पागल कर रहा था और मेरा लंड झटके खा रहा था. चाची आहिस्ता आहिस्ता एक हाथ से मेरे ज़ख़्मो को स्प्रेड लगा रही थी दोसरे हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर उसे आहिस्ता आहिस्ता दबा रही थी थोड़ी देर के बाद चाची ने अपना हाथ हटा लिया और कहने लगी के जब भी तेरा मज़ा लेने का दिल हो तू घबडाना नही मेरी ब्रा उठा कर अपना मज़ा ले लेना आख़िर कब तक अपनी जवानी को काबू मे रखे गा ये सुन कर मैं खुश हो गया और चाची से कहा के अगर आप बुरा ना माने तो मेरा मज़ा अब तक ख़तम नही हुआ और मैं इसे पूरा करना चाहता हूँ इस लिए…. मैं आगे नही बोल पाया लेकिन चाची मेरी बातो को समझ गयी और खुद ही अपनी ब्रा उठा कर मुझे कहा के हाँ हाँ कियूं नही अपना मज़ा पूरा कर्लो मैने चाची के हाथ से ब्रा लिया और अपने लंड पर लपेट कर मूठ मारने लगा…………… और थोरी देर के बाद मैं फारिघ् हो गया और मेरा कम चाची की ब्रा से चिपक गया मैने चाची से कहा मैं इसे साफ कर के आता हूँ तो चाची ने कहा नही कोई बात नही मैं खुद साफ कर लूँगी और चाची ने मुझ से अपनी ब्रा ली और बाथरूम मे चली गयी अपने ब्रा को साफ करने के लिया थोरी देर बाद आई फिर बेड से अपने कपड़े उठाए और फिर बाथरूम मे चली गयी कपड़े पहेन ने के लिए लेकिन उस ने बाथरूम का डोर लॉक नही किया और थोड़ा दरवाज़ा खुला छोड़ दिया और अपने कपड़े चेंज करने लगी मैं जल्दी से दरवाज़े के करीब गया और देखा के चाची की पीठ मेरी तरफ थी फिर मैने देखा के चाची ने आहिस्ता और सेक्सी स्टाइल से अपना टवल नीचे गिरा दिया और मैं चाची की मस्त गांड देख के हैरान हो गया. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | क्या मस्त गांड थी बड़ी बड़ी और गोल गोल चूतर देख कर हैरान हो गया, मेरा दिल कर रहा था के अभी अंदर घुस जाऊं और चाची की इस मस्त गांड मे अपना लंड पेल दूँ लेकिन मैने अपने आप को किस तरह काबू किया ये मुझे पता है फिर इस से पहले मैं कोई ग़लत कदम उठाता मैं सीधा अपने बेड पर जाके लेट गया. थोरी देर बाद चाची वॉशरूम से बाहर निकली और फिर मुझे कहा के जाओ तुम जाके फ्रेश हो जाओ मैं नाश्ता ले कर आती हूँ और फिर मैं वॉशरूम मे फ्रेश होने चला गया. जब मैं फ्रेश हो कर बाहर निकला तो देखा चाची कमरे मे नही थी फिर मैं विंडो पर खड़ा हो कर बाहर बच्चो को क्रिकेट खेलता देखने लगा इतने मे चाची कमरे मे आई नाश्ता लेकर फिर हम ने साथ मे नाश्ता किया और चाय पी और कुछ देर बाते करने के बाद मेरा दोस्त फ़ैसल आगाया और चाची ने मुझे कहा के महमूद बेटा आज रात को 8 बजे मेहेन्दि है इस लिए रात को तैयार रहना मैने कहा हां चाची मैं तैयार रहूं गा आप फिक़र मत कीजिए फिर चाची चली गयी. और फिर फसैल ने मुझ से कहा के वो ब्लू प्रिंट लाया है मैने कहा के तो फिर चलाओ इस को और फिर सीडी चला के प्रिंट देखने लगे देखते देखते मुझे सेक्स का नशा चढ़ गया और मैने अपना हाथ फ़ैसल की टाँग पर रख दिया और फिर थोड़ी देर के बाद अपने हाथ से उसकी टाँग को सहलाने लगा लेकिन उस ने कुछ नही कहा और चुप चाप प्रिंट देखने मे मगन रहा उस की टाँग को सहलाते सहलाते मैं अपना हाथ थोड़ा पीछे ला जाकर उस की गांड को सहलाने लगा लेकिन फिर भी वो चुप रहा और फिर मैने अपना हाथ आगे लेजा कर उस के नारे को थोड़ा ढीला कर दिया ताकि मेरा हाथ उस की शलवार के अंदर जा सके फिर मैने अपना हाथ फिर पीछे लेजाकार उस की शलवार के अंदर डाल दिया. और ये देख कर हैरान रह गया कि उस की गांड पर एक भी बाल नही था सारी क्लीन शेव लगी हुई थी और फिर मैने फ़ैसल से कहा कि तुम्हारी गांड पर बाल क्यों नही क्या तुम ने खुद उतारे हैं तो उस ने कहा कि नही बचपन से मेरे सारे जिस्म पर सिर्फ़ छोटे छोटे बाल है कभी बड़े नही हुए और फिर उस ने कहा कि बस अब चुप रहो और जो काम तुम कर रहे थे वो करते रहो ये सुन कर मैं खुश हो गया और उस की गांड को सहलाने लगा सहलाते सहलाते मैने अपनी एक उंगली उस की गांड मे डाल दी तो उस ने सिसकारी भरी और फिर वो उठा और अपने सारे कपड़े उतार दिए और मुझे गले लगा कर मुझे चूमने लगा. मुझे उस का चूमना अच्छा लगा और मैं चुप चाप खड़ा रहा चूमते चूमते उस ने मेरी पॅंट उतारी और फिर मेरी शर्ट उतारी और मुझे कहा कि बेड पेर लेट जाओ मैं बेड पेर लेट गया और वो मेरे उपर चढ़ कर मेरे लंड को चूसने लगा जब वो मेरे लंड को चूस रहा था तो उस वक़्त इतना मज़ा आ रहा था कि ऐसा लग रहा था कि मैं सातवें आसमान की सेर कर रहा हूँ. वो मेरे लंड को बड़े प्यार से चूस रहा था फिर लंड चूसने की बाद उस ने मुझे कहा कि अब जल्दी करो मेरी गांड मारो और वो घोड़े की तरह घुटनों पर खड़ा हो गया फिर मैं ने चाची की फेर न लव्ली क्रीम उठाई और थोड़ी अपने लंड पर लगाई और थोड़ी उस की गांड पर फिर मैं ने अपना लंड उस की गांड के होल पर रखा और एक ही झटके से उस की गांड मे पेल दिया. उस के मूँह से एक सिसकारी निकली और कहा ओह आहिस्ता करो लेकिन मुझ पेर भूत सवार था मैने उस की एक ना सुनी और ज़ोर से ज़ोर से धक्के मारता रहा और उसे चोद्ता रहा तक़रीबन 14 या 15 मीं की चुदाई की बाद मैं उस की गांड के अंदर ही झाड़ गया. झड़ने के बाद वो उल्टा लेट गया और मैं भी उसके उपर लेट गया और मेरा लंड अभी भी उसकी गांड मे पड़ा रहा. 20 मीं के बाद मैं उठा और अपना मरा हुआ लंड बाहर निकाल कर खड़ा हो गया और अपने कपड़े पहने और फ़ैसल को कहा कि वो भी अपने कपड़े पहने तो उसने अपने कपड़े पहेन लिए और हम बाहर चले गये घूमने फिरने. शाम को जब हम वापस आए तो चाची ने मुझ से तैयार होने को कहा मैं जल्दी मे नहा कर तैयार हो गया और चाची मैं और फ़ैसल अपने रिश्तेदारों की मेहेन्दि पर चले गये. वहाँ पर कुछ खास नही हुआ ऐसे ही टाइम पास हो गया रात को 12 बजे हम वहाँ से वापस आए और फ़ैसल अपने कमरे मे चला गया मैं और चाची गेस्ट रूम मे चले गये चाची वॉशरूम मे चली गयी अपने कपड़े चेंज करने केलिया मैने देखा कि चाची वॉशरूम मे है और गेस्ट रूम मे कोई नहीहै तो मैने गेस्ट रूम का डोर लॉक किया और वहीं अपने कपड़े चेंज कर्दिये जब चाची वॉशरूम से अपने कपड़े चेंज करके अपनी पिंक कलर की नाइटी पहेन कर बाहर निकली तो मुझे देख कर हैरान रह गयी और कहा कि ये तुम ने अपने कपड़े कैसे चेंज किए. मैने चाची को बताया कि किस तरह चेंज किए तो वो हँसने लगी और कहा बड़े बदमाश हो गये हो तुम फिर कहा की चलो टीवी देखते हैं और ये कह कर चाची ने टीवी का रिमोट उठाया और जैसे ही टीवी को ऑन किया वही ब्लू प्रिंट चलने लगी और ये देख कर मेरे होश उड़ गये और चाची ने मेरी तरफ देख कर कहा हमम्म्मम तो ये हाल है साहबज़ादे के मैं थोड़ा हंस दिया तो फिर चाची ने कहा कि चलो अब हम भी यही देखेंगे मैने ने कहा चाची आप ये किसे देख सकती हो तो चाची ने कहा कि क्यों भाई जब आप लोग ये देख सकते हैं तो क्या हम नही देख सकते. मैने कहा ठीक है आप की मर्ज़ी तो चाची ने आप की मर्ज़ी क्या तुम्हे भी मेरे साथ बैठ कर ये देखना होगा अकेले मे मुझे मज़ा नही आएगा मैं भी खुश हो गया और चाची की साथ बैठ कर ब्लू प्रिंट देखने लगा उस वक़्त लेसएबियन सीन चल रहा था दो लड़कियाँ एक दोसरे को किस्सिंग कर रही थी और एक दोसरे की बूब्स दबा रही थी किस्सिंग ये देख कर मैं गरम हो गया और चाची की तरफ देखने लगा तो चाची ने मुस्करा कर मेरी तरफ देखा और कहा कि मुझे नही उधर देखो फिर मैं ब्लू फिल्म देखने लगा और देखा कि दोनों लड़कियाँ 69 पोज़िशन मैं हैं और एक दूसरे की बूर को चाट रही है और उंगली अंदर बाहर कर रही हैं. ये देख कर मैं और गरम हो गया और अपनी आग बुझाना चाहता था फिर मैने चाची से कहा कि चाची क्या आप मुझे अपनी ब्रा दो गी मुझे अपना काम करना है तो चाची ने कहा कि मैं यहाँ सिर्फ़ दो ब्रा लेके आई हूँ एक ब्रा मैने शाम को धो की शूखने की लिए रखी थी और दूसरी मैने अभी पहनी हुई है लेकिन तुम फिक़र मत करो जो ब्रा मैने पहनी हुई है वो मैं तुम्हे उतार के देती हूँ और चाची ने मेरे सामने अपनी नाइटी उतारी और मैं चाची का खूबसूरत जिस्म देख कर हैरान रह गया चाची ने ब्लॅक ब्रा और ब्लॅक पनटी पेहेन रखी थी. फिर चाची ने आहिस्ता से अपने हाथ पीछे ले जाकर अपनी ब्रा के हुक खोल दिए और मेरे सामने अपनी ब्रा उतारी और अपने बूब्स को नंगा कर्दिया आई हाई क्या मस्त बूब्स थे चाची की बड़े बड़े गोल गोल उनकी कसी हुई पिंक निपल्स दिल कर रहा था कि अभी चाची के बूब्स पकड़ उन को दबाऊं और चूसू वाह क्या नज़ारा था फिर चाची ने मुझ से कहा तुम क्यों तकलीफ़ करते हो मैं तुम्हारा ये काम कर्देति हूँ फिर चाची ने मेरा पाजामा अपने हाथ से उतारा और मेरे तने हुए लंड को अपने हाथ मे ले कर एक बार अपने हाथ को उपर से ले कर नीचे तक ले गयी ओए फिर अपने ब्रा को मेरे लंड पर आहिस्ता और आराम से लपेटा और फिर मेरे लंड सहलाने लगी और मूठ मारने लगी. दोस्तों आप यह कहानी मस्तराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | चाची की रफ़्तार आहिस्ता आहिस्ता बढ़ती गयी जब चाची ज़ोर से मेरे लंड पर अपना हाथ उपर नीचे कर रही थी तो चाची के बूब्स उपर नीचे हिल रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और मैं छूटने की करीब आता गया दोस्तो क्या मज़ा आरहा था बस पूछो मत फिर तक़रीबन 20 मीं के बाद मैं फारिघ् हो गया लेकिन मेरा लंड अभी भी खड़ा था फिर मैने चाची से कहा चाची थॅंक यू तो चाची ने कहा कोई बात नही युवर वेलकम फिर मैने चाची से अपने लंड की तरफ इशारा करके कहा चाची देखो ना ये अभी भी खड़ा है तो चाची ने कहा कि दोसरा राउंड हो जाए क्या तो मैने चाची से कहा ज़रूर लेकिन अब आपकी ब्रा तो खराब हो गयी है अब मुझे इस से मज़ा नही आएगा तो चाची ने कहा कोई बात नही मेरी पैंटी पड़ी है ना. और ये कह कर चाची ने अपनी पैंटी उतार दी मैं चाची की मस्त चूत देख कर हैरान रह गया क्या बूर थी फिर चाची ने मेरे लंड से अपनी ब्रा हटाई और फिर मेरे लंड पर अपनी पैंटी लपेटी लेकिन मैने चाची से कहा कि चाची अब इन से मज़ा नही आरहा अब आप अपने हाथ से करो तो चाची हँसने लगी और कहा हमम्म अब हमे साहबज़ादे की भी बाते माननी पड़े गी और मेरे लंड को अपने हाथ मे पकड़ा और ज़ोर से दबाया तो मेरे मूँह से सिसकारी निकली फिर चाची आहिस्ता आहिस्ता मेरे लंड को सहलाने लगी और फिर चाची की रफ़्तार तेज़ होती गयी और फिर तक़रीबन 30 मिनट की मेहनत के बाद मैं छूट गया और मेरा ढेर सारा कम चाची के हाथो को लग गया. फिर चाची वॉशरूम मे चली गयी अपने हाथ धोने के लिए और थोड़ी देर के बाद आई और अपनीशलवार उठा कर उस से मेरा लंड साफ किया और कहा कि चलो अब सो जाए फिर हम अपनी अपनी जगा जाके सो गये……………….. फिर आधी रात को करीब 3:00 बजे मेरी आँख खुली तो मैने देखा कि चाची की नाइटी उस के घुटनों के उपर थी और उस की जांघे साफ दिख रही थी उन्हे देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं अपने आप को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन मैं अपने आप को नही रोक पाया और चाची की जाँघो को सहलाने लगा सहलाते सहलाते मैने चाची की नाइटी थोड़ी और ऊपर की तो चाची की मस्त चूत मेरे आँखो की सामने आ गई चाची की मस्त चूत देख कर मेरा लंड साँप की तरह फन उठाने लगा और मैने अपना लंड बाहर निकाल कर चाची के पास लेट कर अपने लंड को चाची की चूत के दरवाज़े पर रख कर आहिस्ता आहिस्ता अपने लंड को चाची की बूर पर रगड़ ने लगा रगड़ते रगड़ते मुझे पता ही नही चला कि मैं कब चाची की बूर के उपर फारिघ् हो गया और जैसे ही मैं फारिघ् हुआ चाची ने करवट ले कर अपना मूँह मेरे पास कर दिया. दोस्तो कहानी अभी बाकी है

The Author

गुरु मस्तराम

दोस्तो मैं यानी आपका दोस्त मस्ताराम, मस्ताराम.नेट के सभी पाठकों को स्वागत करता हूँ . दोस्तो वैसे आप सब मेरे बारे में अच्छी तरह से जानते ही हैं मुझे सेक्सी कहानियाँ लिखना और पढ़ना बहुत पसंद है अगर आपको मेरी कहानियाँ पसंद आ रही है तो तो अपने बहुमूल्य विचार देना ना भूलें
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