e1.v-koshevoy.ru

New Hindi Sex Stories

चूत से निकले पानी से मेरा लड़ झड़ गया

दोस्तों ये कहानी तब की है जब मैं ग्रेजुएशन के दूसरे साल में था. मेरे मौसी के लड़के की नई नई शादी हुई थी. वो मेरे से पांच साल बड़ा था. शॉप में नौकरी करता था. मैं अक्सर ही कॉलेज से आते वक्त मौसी से रोज मिलने जाता था. ये सिलसिला स्कुल के दिनों से चलता आ रहा था. भैया की शादी के बाद भी मैंने यह सिलसिला शुरू रखा. ऋचा भाभी मुझसे जल्दी ही घुलमिल गई. आखिर मेरी हमउम्र थी. ऋचा दिखने में बहुत ही खुबसूरत थी और उसका कद भी काफी छोटा था. ऐसा लगता था जैसे कोई दसवीं क्लास की लड़की खड़ी हो. एकदम गोरा रंग और तीखे नाक-नख्श. हम दोनों मौसी के साथ खूब बातें करते और मजाकें भी. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है |
भैया और भाभी हनीमून मनाकर लौट आये थे. मैं भाभी को अक्सर हनीमून को लेकर छेड़ने लगा. लेकिन भाभी मुस्कुराकर रह जाती. कुछ महीने बीत गए. मुझे अचानक ही यह लगने लगा कि इन दिनों भाभी मुझसे कुछ ज्यादा ही मुस्कुराकर मिलती है और मेरे करीब बैठने की कोशिश करती है. कॉलेज में होने के कारण यूँ तो ज्यादातर लड़के सब कुछ जान जाते हैं लेकिन मेरा स्वभाव ऐसा नहीं था और मैं केवल मजाक तक ही सिमित था.
एक दिन मैं मौसी के घर बड़े सवेरे मेरे जन्मदिन का न्यौता देने के लिए गया. मौसी घर पर नहीं थी. भैय्या और मौसाजी अपने अपने काम के लिए निकल चुके थे. जब मैं भाभी के कमरे में पहुंचा तो भाभी नहाकर बाथरूम से निकल रही थी. मुझे यह पता नहीं था और ना ही भाभी को. भाभी ने उस वक्त अपने बदन पर केवल एक तौलिया लपेट रखा था. मेरी और भाभी की नजरें आपस में मिल गई और मैं “सॉरी” बोलकर तुरंत बाहर निकलकर आ गया. भाभी ने कुछ ही देर के बाद मुझे अन्दर बुला लिया. भाभी के बाल खुले हुए थे और जल्दी जल्दी में उन्होंने जो साड़ी पहनी थी उसका पल्लू नीचे ही था. उनका नीला ब्लाउज साफ़ नजर आ रहा था और साथ ही ब्लाउज के अन्दर आ खजाना भी. मैंने पहली बार किसी औरत को इस तरह से इतने नजदीक से देखा था. मैं उन्हें देखने लगा. भाभी भी मुझे मुस्कुराते हुए देखने लगी. हम दोनों की नजरें मिली. मैं शरमाया और अपनी नजरें झुका ली . लेकिन भाभी मुझे उसी तरह से मुस्कुराते हुए देखती रही. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मैंने जब उन्हें अपने जन्मदिन की दावत के लिए शाम को घर आने की बात कही तो अचानक भाभी ने कहा ” आप का जन्मदिन है!!! मेनी हैप्पी रिटर्न्स ऑफ़ दी डे. मुझे पता ही नहीं था.” भाभी आगे बढ़ी और मेरे गालों पर अपने होंठों से एक बहुत ही हल्का सा चुम्बन दिया. मैं भीतर तक सिहर गया. किसी महिला का ये मेरे जिस्म पर पहला स्पर्श था. मेरे डरे हुए चेहरे को देखकर भाभी ने कहा ” ये क्या! आप इतना डर गए! ” मैं सर झुकाए खड़ा रहा. अब भाभी मेरे और भी करीब आ गई. उनके बदन से चन्दन के साबुन की महक आ रही थी. भाभी ने एक बार फिर मेरे गालों को चूमा और बोली ” जन्मदिन बहुत मुबारक. मैंने आपको विश किया. मुझे थैंक्स तो दो.” मैं बहुत धीरे से बोला ” थैंक्स भाभी” भाभी ने कहा ” ये क्या भाभी भाभी लगा रखा है. हम दोनों एक ही उमर के हैं और दोस्त हैं. तुम मुझे रिचा कहोगे. मुझसे बिलकुल भी नहीं शरमाओगे. दोस्तों में शर्म कुछ नहीं होनी चाहिये. दोस्त लोग तो आपस में सब कुछ बांटते हैं. मुझे तुम्हारा शर्माना दूर करना पडेगा. ऐसे थोड़े हो कोई काम चलता है.” अब भाभी ने मेरा हाथ पकड़ लिया. फिर डरे हाथ से मेरे हाथ को जोर से दबा दिया और मुझे हंसकर देखने लगी. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | मुझे लगा कि इससे पहले कोई अनहोनी हो जाए यहाँ से खिसक लेना ही बेहतर होगा क्यूंकि भाभी की नजरें कुछ और ही कह रही थी. मैं जैसे ही जाने के लिए पलता भाभी ने मुझे पीठ पीछे से बाहों में भर लिया. उनके सीने का दबाव मुझे महसूस होने लगा. हभी लगातार मुझे दबाये जा रही थी. मुझे भी ना जाने क्यूँ यह अब कुछ कुछ अच्छा लगने लगा. रिचा अब घूमकर मेरे सामने आ गई. वो अभी भी मुस्कुरा रही थी..अभी भी उनका पल्लू नीचे था. अब रिचा ने मुझे फिर अपनी बाहों में भर लिया. उसका गोरा मुख मेरे सामने था. एकदम से किसी कच्ची कली से कम नजर नहीं आ रही थी रिचा भाभी. एक बार फिर रिचा ने मुझे गालों पर चूमा. इसके बाद उसने मेरे गरदन के नीचे के हिस्से को चूमा. फिर उन्होंने मेरे सीने पर चूमा और बनावटी गुस्से से बोली ” ये क्या बात है यार! जन्मदिन है इसका मतलब ये तो नहीं कि तुम चुपचाप खड़े रहो. मुझे रिटर्न गिफ्ट कौन देगा हाँ.? चलो मेरी गिफ्ट वापस करो.” मेरे सामने अब कोई चारा नहीं था. मैंने रिचा के दोनों गालों पर बारी बारी से चूमा. मुझे ऐसा लगा जैसे ढेर सारी शक्कर मेरे मुंह में घुल गई हो. अब रिचा और मैंने एक दूसरे को धीरे धीरे गालों पर ; गरदन पर ; सीने के उपरी हिस्सों पर चूमना शुरू किया. रिचा ने अपने हाथों से अब मेरे शर्ट के बटन खोलने शुरू कर दिए. मैंने इसका विरोध किया. रिचा ने कहा ” मैंने कहा ना दोस्त सब कुछ बांटते हैं.” अब मैं मूर्ति जैसे खडा था. रिचा ने मेरा शर्ट और बनियान खोल दिए. फिर उसने मुझे कहा ” अब मेरे कपडे क्या मैं खुद उतारूंगी! ” मैं आश्चर्य में पड़ गया. ये कौनसी दोस्ती हुई. ये कैसा बांटना हुआ. लेकिन क्या करता अब मेरा मन भी डोल उठा था.
मैंने रिचा के ब्लाउज को खोला. फिर रिचा ने मेरे हाथ को अपनी पीठ के पीछे लेजाकर अपनी ब्रा का हुक पकडवा दिया. मैंने वो हुक भी खोल दिए. रिचा ने जैसे ही ब्रा को हटाकर दूर फेंका मैं रिचा की नंगी छाती को देखने लगा. एकदम चिकनी चमड़ी और मध्यम उंचाई में उभरे हुए स्तन. रिचा ने अब मुझे अपने सीने से लगा लिया. मेरी धड़कने अब काबू के बाहर हो रही थी. रिचा ने अपने हाथ नीचे किये और मेरी जींस के बटन खोले और उसे नीचे खींच दिया.मेरे हाथ खुद-बा-खुद रिचा की कमर के नीचे चले गए. उसके पेटीकोट का नाडा खुल गया. अब हम दोनों केवल अपने अंतर वस्त्रों में रह गए थे. रिचा ने मुझे इशारा किया और हम दोनों पलंग पर आ आगये. रिचा ने पलंग के पास के स्टूल पर रखी प्लेट में से अंगूर का गुच्छा उठाया. रिचा ने वो गुछ्छा हम दोनों के मुंह के बीच ले लिया. हम दोनों ने एक एक दाना मुंह में रखा. रिचा ने गुच्छा हटा दिया और अपना मुंह मेरे सामने कर दिया. रिचा ने अंगूर के दाने को अपने होंठों के बीच दबा लिया और मेरे होंठों की तरफ बढ़ा दिया मैंने भी ऐसा ही किया. अब हमने अपने अंगूर के दाने को आपस में मुंह ही मुंह में बदल लिया. दोनों ने अंगूर को चबाया और फिर अपने अपने होंठ आमने सामने किये और एक दूजे के होंठ चूम लिए. अंगूर का रस हमारे मुंह की लार ,में घुलकर हमारे मुंह में गया और हम दोनों को नशा सा आ गया.
अब हम दोनों पलंग पर लेट गए और एक दूजे से लिपट कर चिपट गए. अब हम दोनों आपस में लगातार जल्दी जल्दी यहाँ वहाँ चूमने लगे. रिचा ने अब जल्दी जल्दी अपनी पैंटी और मेरी अंडर वेअर खोल दी. मैंने उसे बहुत मना किया लेकिन रिचा नहीं मानी. रिचा ने मेरे बड़े और कड़क होकर लम्बे हो गए मेरे लिंग को अपने हाथ से पकड़ा और उसे सीधे अपने जननांग में जोर लगाकर घुसा दिया. मेरे लिंग पर कंडोम भी नहीं था. करीब पांच मिनट के अन्दर ही मुझे रिचा के जननांग के भीतर गीलापन लगने लगा. रिचा ने तुरंत मेरे लिंग को खींच कर बाहर कर दिया..उसने मेरे लिंग को अपने दोनों हाथों से धीरे से दबा दबाकर सहलाना शुरू किया. दो मिनट के अन्दर ही मेरे लिंग ने एक सफ़ेद रंग का गाढा रस छोड़ना शुरू कर दिया. रिचा ने उस रस को अपने गुप्तांग पर लगाया और मेरी तरफ मुस्कुराकर देखा. अब मैंने अपने हाथ से उस रस को उसके गुप्तांग पर फैला कर धीरे धीरे मसाज करना शुरू किया. दो-तीन मिनट के बाद रिचा के जननांग के अन्दर से भी वैसा ही सफ़ेद गाढा रस बहने लगा. मैंने उस रस को अपने हाथ में लिया और अपने लिंग पर लगा दिया. अब हम दोनों उस रस से गीले हो चुके गुप्तांग और जननांग की लगातार मसाज एक दूसरे के हाथों से करने लगे. रिचा ने मेरे होंठों को अपने होंठों से जकड़कर चूसना शुरू कर दिया था. आप लोग यह कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है | अब हम दोनों एक बार फिर आपस में लिपट गए . मैंने इस बार अपना लिंग रिचा की टांगों के बीच में फंसा दिया. रिचा अपनी जाँघों के दबाव से मेरे लिंग का मसाज करने लगी. रिचा के गुप्तांग और जननांग के बीच का हिस्सा हम दोनों के गाढे रस से पूरी तरह से गीला हो चुका था. मैं जैसे जैसे अपने लिंग को रिचा के गुप्तांग और जननांग से टच कराकर जोर से दबाता रिचा मेरे होंठों को जोर से चूस लेती. हम दोनों इसी तरह से करीब आधे घंटे तक लेते रहे. आखिर में रिचा ने मुझे फ्रेंच किस सिखाया. वो अपनी जीभ मेरे मुंह के अन्दर ले गई और मेरे मुंह की लार को अपनी जीभ से पी गई. मैंने भी ऐसे ही किया. पूरे दस मिनट तक हम दोनों ने फ्रेंच किस किया. इसके बाद रिचा ने कहा ” तुम्हारी मौसी के आने का समय हो गया है.” रिचा और मैं बाथरूम में आये. पानी से पूरी सफाई की और एक दूसरे को एक लंबा फ्रेंच किस दिया और मैं कपडे पहन कर रवाना होने लगा. रिचा ने कहा ” दोस्ती की शुरुवात है. इसलिए हमने ये शेयर किया है. तुम इसका मतलब ये मत निकालना कि तुम्हें ऐसा मौका बार बार मिलता रहेगा.” मैंने रिचा के होंठों को एक बार फिर जोर से चूमा और बोला ” जब तक दोस्ती रहेगी तब तक हम दोनों सब कुछ शेयर करते रहेंगे..मैं ये भी जनता हूँ कि तुम मना भी नहीं कर पाओगी.” रिचा मुस्कुराई . मेरे होंठों को एक बार फिर जोर से खींचा और बोली ” अगर ऐसी बात है तो हम लगातार शेयर करते रहेंगे.” मैंने फिर एक बार रिचा के होंठों को जोर से चूमा और बाहर निकलकर घर लौट आया. उस दिन के बाद मैं रिचा से एक बार और अकेले में मिला. रिचा ने उस दिन कंडोम के साथ सेक्स किया. अब जब भी मौक़ा मिलता है हम दोनों घंटों सेक्स करते हैं. दोस्तों शेयर कर जो चुदाई में मज़ा है वो और कहा |

e1.v-koshevoy.ru: Hindi Sex Kahani © 2015


हिंदी पिताजी और बेटी असर पड़ा बहुत गर्म सेक्स कहानी"mastram sex story com""sali ki beti ko choda""maa beta hindi sex story"माँ को कॉल बॉय ने चोदा"sexi marathi katha""mastaram hindi sex story""new marathi sex katha""झवणे काय असते""gujrati sexy varta"Bibi ki Gand ki badbu ko sungha"sex stories.net""parivar me chudai""baap aur beti ki chudai""bollywood chudai ki kahani""sex stories in gujarati font""mastram ki kahani in hindi font"pnjabi vidhwa navkrani ki antrwasna"maa bani bete ki patni""bhai bahan story"Saxekahne"train me chudai ki kahani""baap beti xxx story""mastram chudai""मस्तराम की कहानियां""antarvasna family""mastram kahaniya""maa ko dosto ke sath choda""हिन्दी सैक्स कहानी""group chudai kahani""hindi chodai ki kahani"biwi ki galati se sali ko choda"chachi ki sex story""नेपाली सेक्स स्टोरी""kamasutra stories in tamil language""www.hindi sex story.com""didi ki panty""parivar ki chudai""garib aurat ki chudai""risto me chudai hindi""हिन्दी सैक्स स्टोरी""mastaram sex story""www.chodan .com"antarvasnahindistories"free hindi sexy kahaniya""chudai ka sukh""बहु की चुदाई""baap beti sexy kahani""sheela ki chudai""antarvasna group""bhai se gand marwai""antarvasna free hindi story""maa beti ko choda""maa beta chudai story""मराठी संभोग कथा"लंण्ड पर जोक्स"baap beti sex story hindi""behan ki chudai hindi""hindi maa sex story""saas bahu sex story""chodan story hindi""maa beta sex kahani in hindi""baap beti sex khani"چدائی"bhai behan ki antarvasna""new gujarati sex story""maa bete ki sex story"डेली अपनों से चुड़ै स्टोरी"janwar se chudai kahani""ww antarvasna""kamuk katha""sexy story bap beti""mastaram hindi sex story"جب لڑکوں نے میری پہدی میں لن ڈالا تو درد ھواपूरानी हवेली की चूदाई sex porn "mastram sexy""mom ki chudai ki kahani"रंडी बेटी का सामूहिक बलात्कार चुदाई कहानी"sex story marathi com"XXX vahvi ki cudae Hindi mai"kutiya ki chudai""hindi sex story devar bhabhi""sex kahani baap beti""bahan ki chudai kahani"dever bhabhikesex story hindi me"sagi didi ki chudai""sex story in hindi antarvasna"पारुल मैडम का बुर कैसा"antarvasna hindi free story""beti ki chudai ki kahani""antarvasana story"देवर नेचोदा भाभा को लिखा हुअ"pariwar ki chudai"गोरी चिट्टी नार ki sexy story and photos"baap beti ki hindi sexy kahani"antarvasnajokesHindi sex stories गोवा बेटा"dog se chudai ki kahani""sagi bhabhi ko choda"